नमस्कार! रविवार की इस हलचल मे आपका स्वागत है इन लिंक्स के साथ--
कठपुतली बन नाचते, मीरा मोहन-मोर |
दस जन, पथ पर डोलते, करके ढीली डोर ||
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दस जन, पथ पर डोलते, करके ढीली डोर ||
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जब कभी भी छलकी... किसी कोरे काग़ज़ पर..
अपने चेहरे की सारी आडी-तिरछी लकीरें खींचकर...
अपना नाम लिख जाती है...ये ज़िंदगी.....
अपने चेहरे की सारी आडी-तिरछी लकीरें खींचकर...
अपना नाम लिख जाती है...ये ज़िंदगी.....
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तुमने कहा मेरी प्रीत चुभती है
आँखों में मेरी बेवफाई दिखती है
और भी न जाने वो कौन से अलफ़ाज़ थे
बुरे स्वप्न थे या तुम्हारे जीने के अंदाज़ थे
मैं सुनता रहा
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कहना चाहा बहुत कह न पाया कभी
और फिर चैन से रह न पाया कभी
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और फिर चैन से रह न पाया कभी
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मैं
सबने समझा राख
अंगार हूँ मैं
माँ गाँव में है
वो पनीली आँखें.....
बंजर पड़ी
ह्रदय भूमि को
जब तब
आंसुओं से सींचती,
जाने क्यों कभी
हँसती नहीं
वो नीली आँखें...
शब्द,
Black and White...
चंदन हूँ
आग हूँ सबने समझा राख
अंगार हूँ मैं
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औंधे मुँह धरती पर आता।
नाज़ुक शाखों पर जो चढ़ता,
वो जीवनभर है पछताता।
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माँ गाँव में है
न आ सका गाँव
न आ सकी माँ ही
शहर में।
और गाँव
मैं क्या करता जाकर!
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आँखों में सपने , होती कर गुजरने की आस
पर लगता मैं बेरोजगारी की शान हूँ
मैं एक आम इन्सान हूँ
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मैं एक आम इन्सान हूँ
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वो पनीली आँखें.....
बंजर पड़ी
ह्रदय भूमि को
जब तब
आंसुओं से सींचती,
जाने क्यों कभी
हँसती नहीं
वो नीली आँखें...
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शब्द,
स्थापित करता है
जाने-अनजाने
कितने ही सम्बन्ध
शब्द,
विच्छेदित करता है
कितने ही पुराने
किये हुए अनुबंध !.
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Black and White...
I asked her, Dear fairy
You have all magical powers
And you are so beautiful
Why you are always seen in white?
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where to look...!!
तो आनंद लीजिये इन काव्य प्रस्तुतियों और गीत का और इजाजत दीजिये
यशवन्त माथुर को
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Was it not amazing
To see you in the toy train
Waving a flag
So excited watching
The flag in your hand
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where to look...!!
when you start comparing yourself with others...
when you ask question like "why me?"...
when you don't want to understand anything or..
or you really want answers...
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और ये रहा आज का गाना --
तो आनंद लीजिये इन काव्य प्रस्तुतियों और गीत का और इजाजत दीजिये
यशवन्त माथुर को
acchi links hai yashwant ji.ek do padhi hai baki aapne aadhi raat me link lagai hai me sone ja rahi hu kal padhungi...haan gana bha gaya
ReplyDeleteशुभ प्रभात
ReplyDeleteहर बिल्ला आपना नाखून छिपाता है
लिंक्स का चयन खूबसूरती से किया
साधुवाद आपको
शुभप्रभात .... !!
ReplyDelete*मैं**कहना चाहा बहुत कह न पाया कभी**बोलो न**ज़िंदगी...एक कविता...*है .... ??
अच्छी लिंक्स के साथ किया आज का दिन शुरू |मैंने आख़िरी तीनो लिनस पढ़ ली है |आपने अच्छा प्रयास किया है अंगरेजी लिंक्स को भी शामिल करके |
ReplyDeleteबढिया प्रयास .............आपने अच्छे लिंक्स को चुना है कृपया यात्रा वृतांतो को भी जरूर शामिल किया करें
ReplyDeleteमनु जी समय समय पर यात्रा वृतांत के लिंक्स सम्मिलित किए जाते रहे हैं...फिर भी आपके सुझाव के मद्दे नज़र ऐसे लिंक्स की निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
Deleteसादर
nice
ReplyDeleteअच्छी हलचल यशवंत....
ReplyDeleteहमारी "पनीली आँखें" खुशी से जगमगा गयीं अपनी रचना को यहाँ पा कर
:-)
शुक्रिया
सस्नेह
अनु दी
सार्थक पठनीय हलचल..
ReplyDeleteहिंदी और इंग्लिश ब्लॉग के सुन्दर मिश्रण के साथ सुन्दर सार्थक हलचल प्रस्तुति ... अभी शिर्डी से ४ दिन बाद कल ही लौटी हूँ ..गर्मी से बुरा हाल हुआ लेकिन साईं दर्शन अच्छे से हो गए यही अच्छा रहा है .....
ReplyDeleteप्रस्तुति हेतु आभार
सुंदर links से सजी और खूबसूरत गीत से खिली हलचल । धीरेन्द्र अस्थाना जी के शब्दों के कई आयाम जानना अच्छा लगा। बिल्ले का नाखून छिपाना बहुत भाया और "माँ गाँव में है" ने तो दिल छू लिया !
ReplyDeleteThe Fairy's answer touched me!
इस हलचल के लिए आपको बधाई और मेरी कविताएँ शामिल करने के लिए शुक्रिया।
bahut halachal hi halachal hai...nice
ReplyDeleteअच्छी हलचल
ReplyDeleteसभी लिंक्स सुन्दर,,,,
ReplyDeleteसुन्दर हलचल...
very nice link,, poets are motivated...
ReplyDeleteबहुत सुंदर प्रस्तुति,,,,,
ReplyDeleteRECENT POST ,,,,, काव्यान्जलि ,,,,, ऐ हवा महक ले आ,,,,,