Sunday, May 27, 2012

ज़िंदगी...एक कविता...

नमस्कार! रविवार की इस हलचल मे आपका स्वागत है इन लिंक्स के साथ--



कठपुतली बन नाचते, मीरा मोहन-मोर |
दस जन, पथ पर डोलते, करके ढीली डोर ||


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ज़िंदगी...एक कविता...
जब कभी भी छलकी... किसी कोरे काग़ज़ पर..
अपने चेहरे की सारी आडी-तिरछी लकीरें खींचकर...
अपना नाम लिख जाती है...ये ज़िंदगी.....
 
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तुमने कहा मेरी प्रीत चुभती है
आँखों में मेरी  बेवफाई दिखती है
और भी न जाने वो कौन से अलफ़ाज़ थे
बुरे स्वप्न थे या तुम्हारे जीने के अंदाज़ थे
मैं सुनता रहा

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कहना चाहा बहुत कह न पाया कभी
 और फिर चैन से रह न पाया कभी 

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मैं

चंदन हूँ
आग हूँ 
सबने समझा राख
अंगार हूँ मैं



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औंधे मुँह धरती पर आता।
नाज़ुक शाखों पर जो चढ़ता,
वो जीवनभर है पछताता।

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माँ गाँव में है


न आ सका गाँव
न आ सकी माँ ही
शहर में।
और गाँव
मैं क्या करता जाकर!


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आँखों में सपने , होती कर गुजरने की आस 
पर लगता मैं बेरोजगारी की शान हूँ 
मैं एक आम इन्सान हूँ 

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वो पनीली आँखें.....

बंजर  पड़ी
ह्रदय भूमि को
जब तब
आंसुओं से सींचती,
जाने क्यों कभी
हँसती नहीं
वो नीली आँखें...


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शब्द,
स्थापित करता है
जाने-अनजाने
कितने ही सम्बन्ध
शब्द,
विच्छेदित करता है
कितने ही पुराने
किये हुए अनुबंध !.

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Black and White...

I asked her, Dear fairy
You have all magical powers
And you are so beautiful
Why you are always seen in white?

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Was it not amazing
 To see you in the toy train
Waving a flag
So excited watching
The flag in your hand
 
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where to look...!!


when you start comparing yourself with others...
when you ask question like "why me?"...
when you don't  want to understand anything or..
or you really want answers...


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और ये रहा आज का गाना --




तो आनंद लीजिये इन काव्य प्रस्तुतियों और गीत का और इजाजत दीजिये

यशवन्त माथुर को 





16 comments:

  1. acchi links hai yashwant ji.ek do padhi hai baki aapne aadhi raat me link lagai hai me sone ja rahi hu kal padhungi...haan gana bha gaya

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  2. शुभ प्रभात
    हर बिल्ला आपना नाखून छिपाता है
    लिंक्स का चयन खूबसूरती से किया
    साधुवाद आपको

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  3. शुभप्रभात .... !!
    *मैं**कहना चाहा बहुत कह न पाया कभी**बोलो न**ज़िंदगी...एक कविता...*है .... ??

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  4. अच्छी लिंक्स के साथ किया आज का दिन शुरू |मैंने आख़िरी तीनो लिनस पढ़ ली है |आपने अच्छा प्रयास किया है अंगरेजी लिंक्स को भी शामिल करके |

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  5. बढिया प्रयास .............आपने अच्छे लिंक्स को चुना है ​कृपया यात्रा वृतांतो को भी जरूर शामिल किया करें

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    1. मनु जी समय समय पर यात्रा वृतांत के लिंक्स सम्मिलित किए जाते रहे हैं...फिर भी आपके सुझाव के मद्दे नज़र ऐसे लिंक्स की निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करेंगे।

      सादर

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  6. अच्छी हलचल यशवंत....
    हमारी "पनीली आँखें" खुशी से जगमगा गयीं अपनी रचना को यहाँ पा कर
    :-)
    शुक्रिया

    सस्नेह
    अनु दी

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  7. हिंदी और इंग्लिश ब्लॉग के सुन्दर मिश्रण के साथ सुन्दर सार्थक हलचल प्रस्तुति ... अभी शिर्डी से ४ दिन बाद कल ही लौटी हूँ ..गर्मी से बुरा हाल हुआ लेकिन साईं दर्शन अच्छे से हो गए यही अच्छा रहा है .....
    प्रस्तुति हेतु आभार

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  8. सुंदर links से सजी और खूबसूरत गीत से खिली हलचल । धीरेन्द्र अस्थाना जी के शब्दों के कई आयाम जानना अच्छा लगा। बिल्ले का नाखून छिपाना बहुत भाया और "माँ गाँव में है" ने तो दिल छू लिया !
    The Fairy's answer touched me!
    इस हलचल के लिए आपको बधाई और मेरी कविताएँ शामिल करने के लिए शुक्रिया।

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  9. सभी लिंक्स सुन्दर,,,,
    सुन्दर हलचल...

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  10. very nice link,, poets are motivated...

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ब्लॉग्स्पॉट मे चल रही कुछ तकनीकी गड़बड़ी से कुछ कमेंट्स स्पैम मे जा रहे हैं जिन्हें तत्काल प्रकाशित करने का प्रयास रहता है फिर भी यदि आपका कमेन्ट यहाँ तत्काल न दिखाई दे तो निश्चिंत रहें आपका कमेन्ट प्रकाशित ज़रूर होगा।

आशा है सहयोग बनाए रखेंगे।