Wednesday, April 18, 2012

सपना अपने घर का ....

आप सभी को सदा का नमस्‍कार ....
बुधवार की इस हलचल में
हैं  कुछ ख़ास लिंक्‍स ... भूल ही जाएंगे एक दिन टिमटिमाते तारों के बीच खिलखिलाकर हंसते चांद को ... कविता के भीतर कुछ शब्‍द लगातार कांपते रहते हैं...दिखा तो देती है बेहतर हयात के सपने ख़राब हो के भी ये ज़िन्दगी ख़राब नहीं ..बिल्‍कुल सच कहा है फिराक साहब ने जिन्‍दगी से शिक़वा शिकायत तो चलता ही रहता है ... पर हम आज ...

सबसे पहले चलेंगे दो ऐसे ब्‍लॉग पर जो हैं आज शिखर पर पर इनकी शुरूआत में कहीं है आज भी इनकी नज़र तो सबसे पहले ...




  • किन बातों पर किसी अन्य देश की सुन्दरता को परखेंगे? ... बच्‍चे

  • भूल ही जाएंगे एक दिन टिमटिमाते तारों के बीच खिलखिलाकर हंसते चांद को ... कविताएँ

  • दिखा तो देती है बेहतर हयात के सपने ख़राब हो के भी ये ज़िन्दगी ख़राब नहीं ... फिराक साहब





  • जल रही हूं सदियों से है यही मेरा काम ... बाती

  • नश्‍वर है शरीर पवित्र मन आत्‍मा तो है अमर मृत्‍यु शांत निश्‍छल .. यह जीवन 


  • देह के घाव ... नहीं दिखते जिन अपनों को वे ह्रदय के ज़ख्म कहाँ  देख पायेंगें ?

चलते-चलते एक नज़र यहां भी ... त्रिशंकु की दुविधा भी अजब है ....






इसी के साथ आप सबसे इज़ाजत लेती हूं .. शुभ दिन के साथ शुभकामनाएं ...




16 comments:

  1. सुंदर हलचल सदा जी ...शामिल किया धन्यवाद

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  2. सुप्रभात सदा जी .... !
    आपकी सुंदर हलचल खूब मची है .... !!

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  3. सदा जी शुभप्रभात ...
    हमेशा की तरह ...उत्कृष्ट लिंक्स से सजी ....सुंदर हलचल ....
    शुभकामनायें .....
    बस प्रभु कृपा हो ...मेरा कमेन्ट स्पैम में न जाये .....

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  4. सुंदर हलचल सदा जी.....................
    शुक्रिया आपका.

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  5. सार्थक लिंक्स से सुसज्जित अच्छी हलचल

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  6. सार्थक साहित्यिक हलचल।

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  7. achchhi charcha

    mere sapno ke ghar ko aaj ki halchal mein jagah dene ke liye

    abhaar

    naaz

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  8. बेहतरीन लिंक्स के साथ बेहतरीन चर्चा सदा(हमेशा) की तरह...:)

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  9. बढ़िया लिंक्स सुन्दर हलचल.

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  10. आदरणीया सदा जी
    जो मेरा मन कहे की सब से पहली पोस्ट को शामिल करने के लिये तहे दिल से शुक्रिया।
    बहुत ही अच्छी हलचल बनाई है आपने।

    सादर

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  11. ्बहुत सुन्दर हलचल सदा जी

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  12. sada ji hardik abhar shamil karne ke liye ....sundr prastuti aapki

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  13. इस हलचल में ज़िन्दगी है।

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  14. बहुत बढ़िया रोचक लिंकों की प्रस्तुति,

    MY RECENT POST काव्यान्जलि ...: कवि,...

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  15. बहुत बढ़िया रोचक लिंकों की प्रस्तुति प्रस्तुति,.

    MY RECENT POST काव्यान्जलि ...: कवि,...

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